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संसद (लोकसभा का गठन)Parliament(Constitution Of Loksabha) -Indian Polity (IAS,PCS,SSC)

संसद (लोकसभा का गठन)-

लोकसभा की अधिकतम संख्या 552 निर्धारित की गई है जिसमे 530 राज्यों के प्रतिनिधि एवं 20 संघ राज्यों से होते हैं और दो राष्ट्रपति द्वारा एंग्लो इंडियन सदस्य मनोनीत होते हैं। 
वर्त्तमान में लोकसभा सदस्यों की संख्या 545 है जिसमे 530 सदस्य राज्यों से एवं 13 सदस्य संघ राज्यों से और दो राष्ट्रपति द्वारा  मनोनीत। 
लोकसभा में राज्यों के प्रतिनिधि राज्यों के बिभिन्न निर्वाचन क्षेत्रो के लोगों के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते हैं और भारत के हर नागरिक को जिसकी उम्र 18 वर्ष की हो चुकी हो मतदान करने का अधिकार है और यही प्रक्रिया द्वारा संघ राज्यों से भी प्रतिनिधि चुने जाते हैं। 
अगर एंग्लो इंडियन समुदाय का लोकसभा में प्रतिनिधित्व ना हो तो दो सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामित किये जाते हैं। 

चुनाव प्रणाली -

प्रत्यक्ष मतदान कराने के लिए सभी राज्यों को प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र में विभाजित किया जाता है और इस सबंध में संविधान में दो उपबंध किये गए हैं 
(1)लोकसभा में सीटों का बंटवारा प्रत्येक राज्य को ऐसे नियम से किया जायेगा की स्थानों की संख्या से उस राज्य की जनसँख्या का अनुपात सभी राज्यों के लिए एक समान हो पर यह उन पर लागू नहीं होता जिनकी जनसँख्या 60 लाख से कम हो। 
(2)हर राज्य को प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में ऐसी रीत से बिभाजित किया जायेगा की हर निर्वाचन क्षेत्र की जनसँख्या का उसको आवंटित स्थानों की संख्या से अनुपात सारे राज्यों में एक ही हो। 

लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता 

भारत का नागरिक हो,संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा रखेगा ऐसी सपथ लेनी पड़ेगी,भारत की सम्प्रभुता एवं एकता अखंडता को बनाये रखेगा ,25 की आयु पूरी कर चूका हो और उस ब्यक्ति को उस राज्य या संघ क्षेत्र का पंजीकृत मतदाता होना चाहिए जहां से वह चुनाव लड़ रहा है पहले यह ब्यवस्था राजयसभा के लिए भी थी पर 2003 में इसे ख़त्म कर दिया गया ,किसी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए,मानसिक रूप से विकृत एवं घोषित दिवालिया ना हो। 

लोकसभा का कार्यकाल -

आमतौर पर लोकसभा  का कार्यकाल पहली बैठक से पांच वर्ष का होता है जिसके बाद यह खुद बिघटित हो जाती है लेकिन राष्ट्रपति को पांच वर्ष से पहले भी इसे किसी भी समय बिघटित करने का अधिकार है पर आपातकाल की स्थिति में एक बार में एक वर्ष के लिए लोकसभा कार्यकाल को बढ़ाया जा सकता है पर आपातकाल समाप्त होने पर इसे 6 महीने से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता है। 


Parliament (Constitution of Lok Sabha) -

The maximum number of Lok Sabha has been set at 552, with representatives from 530 states and 20 from the union states and two nominated Anglo-Indian members by the President.
The current strength of the Lok Sabha is 545 of which 530 are from the Member States and 13 from the Member States and two are nominated by the President.
Representatives of the states in the Lok Sabha are directly elected by the people of different constituencies of the states and every citizen of India who is 18 years of age has the right to vote and through this process representatives from the union states are also elected. Huh.
If the Anglo Indian community is not represented in the Lok Sabha, two members are nominated by the President.

Electoral system -

All states are divided into territorial constituencies for direct voting and in this regard two provisions have been made in the constitution.
(1) Allotment of seats in Lok Sabha will be done to each state by such a rule that the ratio of the population of that state to the number of places should be the same for all the states but it does not apply to those whose population is less than 60 lakhs.
(2) Every state shall be divided into territorial constituencies in such a manner that the proportion of the population of each constituency to the number of places allotted to it should be the same in all the states.

Eligibility to be elected a member of the Lok Sabha

Be a citizen of India, have true allegiance to the constitution, have to take such support, will maintain the sovereignty and unity of India, have completed 25 years of age and the person should be a registered voter of the state or union from which he / she is This election was also for the Rajya Sabha, but it was abolished in 2003, it should not be in any profit post, mentally deformed and declared bankrupt. Be.

Term of Lok Sabha

The term of the Lok Sabha is usually five years from the first sitting after which it itself gets divided, but the President has the right to split it at any time even before five years but in case of emergency for once a year. The term of the Lok Sabha can be extended, but it cannot be extended more than 6 months after the Emergency ends.


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