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भारतीय अपवाह तंत्र/Indian Drainage System Part 2-Indian geography

भारतीय अपवाह तंत्र (Indian drainage system)

हमने भारतीय अपवाह तंत्र के पिछले भाग में हिमालयी नदियों का उल्लेख्य किया था मतलब जिनका उदगम हिमालय के किसी न किसी हिमनद से हुआ हो उसे हिमालयी नदियां कहा जाता है और इसमें बात करेंगे भारत के प्रायद्वीपीय नदियों की। 

प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र -

यहां पर उल्लेख्य करना जरूरी है की प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र हिमालय से पुराना है पश्चिमी तट के निकट स्थित पश्चिमी घाट बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में गिरने वाली नदियों के बीच जल विभाजक का कार्य करता है नर्मदा और तापी को छोड़कर अधिकतर नदियाँ पश्चिम से पूर्व बहती हैं वहीँ नर्मदा और तापी पूर्व से पश्चिम बहने के साथ भ्रंस घाटी में बहती हैं। 

प्रायद्वीपीय नदी तंत्र 

प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र के अंतर्गत बहने वाली कई नदी तंत्र है पर यहां पर प्रमुख नदी तंत्रों का उल्लेख्य किया जा रहा है नदी तंत्र का मतलब होता है एक प्रमुख नदी और उसकी सहायक नदियाँ।

महानदी 

महानदी का उदगम छत्तीशगढ़ के रायपुर जिले के निकट स्थित सिहावा से हुआ है जिसकी लम्बाई 851 किलोमीटर है जोकि तीन  राज्यों में बहती है मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ़ ,उड़ीसा। 

गोदावरी नदी 

गोदावरी प्रायद्वीपीय नदियों में सबसे बड़ी है जिसे दक्षिण की गंगा या वृद्ध गंगा के उपनाम से भी जाना जाता है इसका उदगम महाराष्ट्र के नाशिक जिले के त्रियंबकेश्वर पहाड़ी से हुआ है और इसकी कुल लम्बाई 1465 किलोमीटर है और यह महाराष्ट्र ,मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश में बहती है 
सहायक नदी - पेनगंगा,प्राणहिता,इंद्रावती,मंजरा। 

कृष्णा नदी 

कृष्णा पूर्व की ओर बहने वाली दूसरी बड़ी प्रायद्वीपीय नदी है जिसका उदगम सह्याद्रि के निकट महाबलेश्वर से हुआ है इसकी कुल लम्बाई 1401 किलोमीटर है और इसकी प्रमुख सहायक नदी कोयना,तुंगभद्रा,भीमा है इसका बहाव क्षेत्र महाराष्ट्र,कर्नाटक आंध्रप्रदेश और तेलंगाना है। 

कावेरी नदी 

कावेरी का उदगम कर्नाटक के कोगाडू जिले की ब्रह्मगिरि पहाड़ी से हुआ है इसकी लम्बाई 800 किलोमीटर है इसका बहाव क्षेत्र तीन राज्यों में पड़ता है  कर्नाटक ,केरल,तमिलनाडु। 

नर्मदा नदी 

नर्मदा नदी का उदगम अमरकंटक से हुआ है  जिसकी लम्बाई 1312 किलोमीटर है और यह भ्रंश घाटी में बहती है है और जबलपुर  के निकट धुंआधार जलप्रपात बनाती है और नर्मदा नदी 27 किलोमीटर का ज्वारनदमुख बनाती है अरब सागर में विसर्जित होने से पहले इस पर कुछ प्रमुख परियोजनाओं का निर्माण हुआ है सरदार सरोवर ,इंदिरा सागर ,ओंकारेश्वर ,महेश्वर,बरगी  परियोजना। 

तापी नदी 

तापी नदी मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई से निकलती है जिसकी कुल लम्बाई 724 किलोमीटर है जोकि तीन राज्यों में बहती है मध्यप्रदेश,गुजरात,महाराष्ट्र, तापी पश्चिम दिशा में बहती है और भ्रंश घाटी के बीच और अपना जल अरब सागर में विसर्जित करती है। 

लूनी नदी 

लूनी नदी राजस्थान की सबसे बड़ी नदी है जोकि पुष्कर के समीप से दो धाराओं सरस्वती और सागरमती के रूप में निकलती है और गोविंदगढ़ में मिलकर अरावली पहाड़ी से निकलती हुई लूणी कहलाती है और दकशी पश्चिम दिशा में बहती हुई कच्छ के रण में जा मिलती है। 

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